अंसार 'कम्बरी' के दोहे मन से जो भी भेंट दे, उसको करो $कबूल। काँटा मिले बबूल का, या गूलर का फूल।। सागर से रखती नहीं, सीपी कोई...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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