अशोक गीते के दोहे सारे सपने बिक गए, जीवन के बाज़ार। कदम-कदम काँटे मिले, पग-पग में अंगार।। कौओ ने फिर सौंप दी, उल्लू को जागीर। बोलो ऐसे ...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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