कुमार रवीन्द्र के दोहे सरयू के तट पर खड़े, लव-कुश चिंतित मौन| बुझा दीप रघुवंश का, उसे जलावे कौन|| आँखों में जो जोत थी, वह भी हुई उदास| साँ...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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