जयकुमार रुसवा के दोहे कितनी पूँजी पास है, इसका छोड़ ख्याल। अगर नहीं धन प्रेम का, समझ उसे कंगाल।। धर्म, आस्था शब्द भी, करते खड़े सवाल। ...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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