डॉ अनंतराम मिश्र ‘अनंत’ के दोहे यहाँ आदमी का नहीं, दो कौड़ी भी मोल| ले आई मुझको कहाँ, बोल ज़िन्दगी बोल|| उधर नगर सुख-भोग हैं, नभचुम्बी धन-धाम|...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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