डॉ. प्राची सिंह के दोहे वक़्त चिरैया उड़ रही, नित्य क्षितिज के पार। राग सुरीले छेड़ती, अपने पंख पसार।। वक़्त परिंदा बाँध ले, बन्ध न ऐ...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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