दीपक अवस्थी 'अक्षत' के दोहे बासमती गोदाम में, खुद की थाली भात| नोटों के बंडल कहाँ ? सिक्के आये हाथ।। सौ की सीधी-सी रही, सदा एक ही ब...
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रविवार, 15 जनवरी 2023
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