बाबा कानपुरी के दोहे प्रेम और सद्भाव की, जलती जहाँ मशाल। वहीं ईद है, कीजिए, चलकर वहीं धमाल।। मुर्गा मछली मीट से, जिनको नहीं गुरेज। क...
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शुक्रवार, 13 जनवरी 2023
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