रमेश गौतम के दोहे कितने ओछे हो गये, मौसम के क़ानून। करने लगे गुलाब भी, अब तितली का ख़ून।। अँधियारा चाकू लिये, करता बन्द जुबान। फिर चोरो...
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रविवार, 15 जनवरी 2023
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