संदीप ' सरस ' के दोहे दरवाज़े की ओट से , झाँक रहे दो नैन। बेटा घर लौटा नहीं , अम्मा है बेचैन।। थाली में रोटी बची , अम्...
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शनिवार, 14 जनवरी 2023
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