सतपाल सिंह चौहान ‘भारत’ के दोहे धर्मग्रन्थ सब कह रहे, मानवता है एक। फिर भी क्यों नित हो रहे, नर संहार अनेक।। वर्ग-भेद से कब हुई, संतो...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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