सत्यप्रकाश स्वतंत्र के दोहे प्यार, मुहब्बत, इश्क है, या भौतिक संयोग। झाई आखर विश्व में, पढ़े चुनिन्दा लोग।। आज हुश्न को बेच कर, है औरत...
सत्यप्रकाश स्वतंत्र लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सत्यप्रकाश स्वतंत्र लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 12 जनवरी 2023
!—end>!—start>