अवशेष कुमार ‘विमल’ के दोहे एक तरफ है लेखनी, एक तरफ हथियार। काँप गये हथियार जब, पड़ी कलम की मार।। मिला मुझे सन्तोष धन, फिर क्या करूँ तल...
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शुक्रवार, 13 जनवरी 2023
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