अशोक 'अंजुम' के दोहे किसकी बिखरी भावना, किसका टूटा नीड़। नहीं समझती आँधियाँ, नहीं जानती भीड़।। मिले सिपाही चोर से, गायब हुए स...
अशोक 'अंजुम' लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अशोक 'अंजुम' लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 12 जनवरी 2023
!—end>!—start>