आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ के दोहे प्रेम पत्र पीपल लिखे, नीम पढ़े रह मौन। मन में लड्डू फूटते, देख हँसे जासौन।। बरगद बब्बा खाँसते, रात...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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