पुरुषोत्तम दास ‘निर्मल’ के दोहे राजनीति के खेल की, एक अनोखी बात। सत राखे पत जात है, पत राखे सत जात।। तुष्टिकरण इस देश की, बहुत पुरानी र...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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