विकास रोहिल्ला ‘प्रीत’ के दोहे बिटिया की पाजेब से, गूँजे जब मंजीर। पुष्प वाटिका हो गई, आँगन की तकदीर।। आँगन में उतरे नहीं, डरे गुनगु...
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शुक्रवार, 13 जनवरी 2023
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