विजेंद्र शर्मा के दोहे इतना हमें नवाज़ दे, मौज रहे भरपूर। इतना भी मत दीजियो, मन में आय गुरूर।। लिखने को फिर क्या बचा, $गालिब तेरे बाद...
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गुरुवार, 12 जनवरी 2023
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